The Basic Principles Of Dosti Shayari

हम दोनों ही तो हैं पागल, लेकिन एक-दूसरे के बिना,

दोस्ती में एटिटूड एक दूसरे के लिए प्यार है,

“तेरी हँसी मेरी पहचान है, तेरी दोस्ती मेरा अरमान हैं।”

कि हर मुस्कुराता चेहरा अपना नहीं होता।

शायद उन्हें कोई दोस्त तुम-सा नहीं मिलता।

मेरे हाथ की नब्ज़ देखकर हाकिम ने कर बोला

यूँ तो पूरी ज़िंदगी पड़ी है पैसे कमाने को

मिलना है तुझसे, तो दुनिया से लड़ना पड़ेगा,

वरना दोस्ती भी मोहब्बत से कम नहीं होती

कभी तुझे तंग करके, कभी तुझसे मजाक उड़ाकर,

पर सच्चे दोस्त वो होते हैं, जो हमेशा दिल में रहते हैं।

“तेरी बातों में जो सुकून है, वो कहीं और कहाँ मिलेगा।”

बहुत लंबा है Dosti Shayari ज़िंदगी का सफ़र मेरे दोस्त

खुदा क़सम ऐसे दोस्तों पे हम दिलो-जा से मरते है

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